JCB का असली नाम कुछ और ही है।

JCB machine

 जेसीबी के बारे में एक और रोचक तथ्य है की यह इसका असली नाम नहीं है। दरअसल जेसीबी तो इस मशीन को बनाने वाली कंपनी का नाम है लेकिन मशीन में जेसीबी लिखे होने के कारण इसकी लोगो ने जेसीबी नाम ही दे दिया। वास्तव में इस मशीन को एक्सकैवेटर के नाम से जाना जाता है ।

कंपनी के नाम जेसीबी के बारे में भी बता दे की यह इस मशीन का आविष्कार करने वाले जोसेफ सिरिल बमफोर्ड के नाम का शॉर्ट फॉर्म है जिसे कंपनी का नाम से दिया गया। जब जोसेफ अपनी कंपनी का नाम रखने के बारे में विचार कर रहे थे तो उनको कोई अनूठा नाम नहीं मिला इसके बाद उन्होंने अपने नाम पर ही Company का नाम JCB रख दिया था।

() जेसीबी का पीला रंग होने के कारण

 वास्तव में पीला रंग अन्य अधिकतर रंगी की तुलना में ज्यादा ध्यान आकर्षित करता है । यहां तक की अगर आप सीधा देख रहे है और कोई पीली चीज आपके सामने न होकर कही साइड में रखी हुई हो तो उस चीज को भी आप अधिक आसानी से देख सकते है । रिसर्च में वैज्ञानिक ने पाया कि पीले रंग को लाल रंग की तुलना में ज्यादा बेहतर देखा जा सकता है । अंधेरे वातावरण में भी पीला रंग आसानी से देखा जा सकते है । वही कोहरे में भी पीला रंग को काफी जल्दी देखा जा है।

() कुछ रोचक बातें।

 कंपनी की शुरुआत वर्ष 1945 में ब्रिटेन में हुई थी उसी दौरान कंपनी ने एक्सकैवेटर नामक इकलौती मशीन लॉन्च की जिसे लोगो ने काफी पसंद किया। इसके बाद दुनिया भर में कंपनी ने अपनी फैक्टरी लगानी शुरू कर दी। भारत में कंपनी की फरीदाबाद, पुणे व जयपुर में फैक्ट्रियां है।

आम ट्रैक्टरों की गति 35 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा नहीं होती परंतु दुनिया के सबसे तेज ट्रैक्टर का निर्माण इसी कंपनी ने 1991 में किया था। इसकी अधिकतम गति 65 किलोमीटर प्रति घंटा थी। आज तक इतनी तेज गति वाला ट्रैक्टर नहीं बनाया गया है। कंपनी अब एक्सकैवेटर , व्हिलड लोडर, ट्रैक्टर, मिलिट्री वाहन, डीजल मैक्स, वाइब्रो मैक्स का निर्माण करती है। यहां तक की कंपनी ने कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाली को ध्यान में रखते हुए फोन का निर्माण करने का लाइसेंस भी ले रखा है।